आधुनिक सुविधाओं से लैस सेंटर में प्राकृतिक वातावरण के बीच होगा संरक्षण और संवर्धन
जयपुर/पालीघाट। वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पालीघाट स्थित घड़ियाल रियरिंग सेंटर में एक जून को 80 घड़ियाल शावकों (हैचलिंग्स) को सफलतापूर्वक स्थानांतरित किया गया। इन दुर्लभ जलचर जीवों के संरक्षण, संवर्धन और स्वस्थ विकास के लिए सेंटर में अत्याधुनिक सुविधाओं का विकास किया गया है।
घड़ियाल शावकों को प्राकृतिक आवास जैसा वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से रियरिंग सेंटर में नवीन टैंकों की स्थापना की गई है। इन टैंकों में थर्मल और डे-लाइट स्रोत, आधुनिक वेव मेकर, विशेष बास्किंग प्लेटफॉर्म तथा 24 घंटे निगरानी के लिए सुरक्षा कैमरे लगाए गए हैं। ये सभी व्यवस्थाएं शावकों के व्यवहारिक विकास और प्राकृतिक परिस्थितियों के अनुरूप अनुकूलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

जल की गुणवत्ता और उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सेंटर में उन्नत आरओ तकनीक आधारित प्रणाली विकसित की गई है। इससे शावकों को स्वच्छ और अनुकूल जल उपलब्ध कराया जाएगा, जो उनके स्वास्थ्य और वृद्धि के लिए अत्यंत आवश्यक है। विशेषज्ञों के अनुसार घड़ियाल शावकों को भोजन के रूप में जीवित मछलियाँ (लाइव फीड) उपलब्ध कराई जाएंगी।

इससे उनमें प्राकृतिक रूप से शिकार करने की क्षमता विकसित होगी और वे अपने स्वाभाविक व्यवहार को बनाए रख सकेंगे।
वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में यह पहल घड़ियालों की घटती संख्या को बढ़ाने और भविष्य में उन्हें प्राकृतिक आवास में सफलतापूर्वक पुनर्स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
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