राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को 30 दिन में लंबित नोटिसों पर निर्णय का निर्देश
भोपाल। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT), केंद्रीय क्षेत्रीय पीठ, भोपाल की पीठ, जिसमें न्यायमूर्ति श्यो कुमार सिंह, न्यायिक सदस्य तथा सुधीर कुमार चतुर्वेदी, विशेषज्ञ सदस्य शामिल थे, ने मूल आवेदन संख्या 163/2026 (सीजेड), एम/एस कॉन्टिनेंटल पेट्रोलियम लिमिटेड बनाम केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एवं अन्य की सुनवाई की।
अधिकरण ने आवेदक की उस शिकायत पर विचार किया जिसमें कहा गया था कि कई निरीक्षणों एवं वैज्ञानिक रिपोर्टों में निरंतर भूजल प्रदूषण का प्रमाण न मिलने के बावजूद उसकी इकाइयों का संचालन लंबे समय से निलंबित रखा गया है। अधिकरण ने प्रतिवादियों को नोटिस जारी किए।
अधिकरण ने राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (RSPCB) को निर्देश दिया कि वह लंबित कारण बताओ नोटिसों का 30 दिनों के भीतर निस्तारण करे। साथ ही, अंतिम निर्णय होने अथवा अगली सुनवाई तक आवेदक को अपनी तीनों इकाइयों का संचालन तत्काल पुनः प्रारंभ करने की अंतरिम अनुमति प्रदान की गई। मामले की अगली सुनवाई 22 सितंबर 2026 को होगी।
