दीपावली पर एनसीआर के जिलों में सिर्फ हरित पटाखे, 7-8 नवंबर को सीमित समय की छूट

अस्पताल-स्कूल के 300 मीटर में पाबंदी, क्यूआर कोड के बिना बिक्री नहीं

जयपुर। दीपावली पर वायु प्रदूषण रोकने और लोगों की सेहत बचाने के लिए राजस्थान सरकार ने दिल्ली-एनसीआर से सटे जिलों में पटाखों को लेकर सख्त नियम लागू किए हैं। पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के आदेश के मुताबिक अलवर, भरतपुर, दौसा, डीग, खैरथल-तिजारा और कोटपूतली-बहरोड़ में सिर्फ सीएसआईआर-नीरी से प्रमाणित हरित पटाखे ही चलाए जा सकेंगे। बाकी सभी पटाखों पर पूरी तरह रोक रहेगी।

दो दिन, सीमित समय की छूट

शासन सचिव शैलजा देवल ने बताया कि 7 और 8 नवंबर को सुबह 6 से 7 बजे और रात 8 से 10 बजे तक ही हरित पटाखे चलाए जा सकेंगे। 6 नवंबर तक पूर्ण प्रतिबंध रहेगा और 9 नवंबर से यह फिर लागू हो जाएगा।

अस्पताल-स्कूल के पास पाबंदी

अस्पताल, नर्सिंग होम, स्वास्थ्य केंद्र, वृद्धाश्रम और शिक्षण संस्थानों को शांत क्षेत्र घोषित किया गया है। इनके 300 मीटर के दायरे में पटाखे चलाने की अनुमति नहीं होगी।

बिक्री पर कड़ा पहरा

केवल उन्हीं हरित पटाखों की बिक्री होगी, जिनकी पैकेजिंग पर विशिष्ट क्यूआर कोड हो। इस कोड से निर्माता, प्रमाणन और लाइसेंस की जानकारी मिलनी जरूरी है। कोड से छेड़छाड़ गंभीर उल्लंघन मानी जाएगी। अधिकृत दुकानों के अलावा बिक्री और ऑनलाइन बिक्री दोनों प्रतिबंधित हैं। लड़ियों और मालाओं के निर्माण-बिक्री तथा बेरियम वाले पटाखों पर भी पूरी रोक रहेगी।

गश्ती दल करेंगे निगरानी

जिला कलक्टर और पुलिस अधीक्षकों को अवैध निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री रोकने के निर्देश दिए गए हैं। दिल्ली-एनसीआर में प्रवेश करने वाले वाहनों की जांच होगी और नियम तोड़ने पर माल जब्त कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विशेष गश्ती दल बिक्री स्थलों पर नियमित निरीक्षण करेंगे।

रोज बनेगी वायु गुणवत्ता रिपोर्ट

केंद्रीय और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा जिला कार्यालय दीपावली के दौरान और बाद में वायु गुणवत्ता की निगरानी कर रोजाना रिपोर्ट तैयार करेंगे। उल्लंघन करने वालों पर सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों और पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 के तहत कार्रवाई होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!