राजस्थान की लोकेशन्स देखकर फिल्म बनाने का मन करता है : अनिल शर्मा

अर्जुन नागा’ की जयपुर-जैसलमेर में 40 दिन होगी शूटिंग, फिल्म पर्यटन नीति से ग्लोबल स्क्रीन पर राजस्थान की ब्रांडिंग की तैयारी

जयपुर। राजस्थान की ऐतिहासिक विरासत, राजसी स्थापत्य और प्राकृतिक विविधता अब फिल्मों की कहानी का हिस्सा बनने के साथ प्रदेश की पर्यटन ब्रांडिंग का भी बड़ा माध्यम बन रही है। निर्माता-निर्देशक अनिल शर्मा की आगामी फिल्म ‘अर्जुन नागा’ की राजस्थान में करीब 40 दिन शूटिंग होगी। फिल्म के प्रमुख शूटिंग स्थल जयपुर और जैसलमेर होंगे।

राजस्थान पर्यटन भवन में हुई विशेष बातचीत में अनिल शर्मा ने प्रदेश की लोकेशन्स की तारीफ करते हुए कहा कि मुझे राजस्थान से लगाव है। राजस्थान रहने और बसने के लिहाज से अच्छा है ही, फिल्मों के लिए भी बेहद अनुकूल है। यहां की लोकेशन्स ऐसी हैं कि उन्हें देखकर फिल्म के पर्दे पर उतारने का मन करता है।

‘अर्जुन नागा’ में नजर आएंगे उत्कर्ष शर्मा, अर्जुन रामपाल और गुलशन ग्रोवर

अनिल शर्मा ने बताया कि फिल्म ‘अर्जुन नागा’ में उत्कर्ष शर्मा, गुलशन ग्रोवर, अर्जुन रामपाल और निधि अग्रवाल प्रमुख भूमिकाओं में हैं। राजस्थान और अनिल शर्मा का फिल्मी रिश्ता भी पुराना है। उनकी ‘गदर : एक प्रेम कथा’, ‘अब तुम्हारे हवाले वतन साथियो’, ‘वीर’ और ‘ऐलान-ए-जंग’ जैसी फिल्मों का राजस्थान से शूटिंग कनेक्शन रहा है। ‘अब तुम्हारे हवाले वतन साथियो’ में जैसलमेर और ‘वीर’ में जयपुर के आमेर की लोकेशन्स दर्शकों को दिखाई दी थीं।

लोकेशन के साथ प्रशासनिक सहयोग भी जरूरी

शर्मा ने कहा कि फिल्मकारों के लिए किसी राज्य में शूटिंग की सुविधा केवल खूबसूरत लोकेशन्स तक सीमित नहीं होती। शूटिंग के दौरान स्थानीय प्रशासन और पर्यटन विभाग का सहयोग भी बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि राजस्थान पर्यटन विभाग से उन्हें लगातार सहयोग मिलता रहा है।

उन्होंने कहा कि जयपुर की राजसी इमारतें और स्थापत्य, जैसलमेर का स्वर्णिम दुर्ग और थार के धोर, जोधपुर के किले, उदयपुर की झीलें व महल, पुष्कर का धार्मिक-सांस्कृतिक परिवेश और शेखावाटी की हवेलियां एक ही प्रदेश में अलग-अलग तरह की सिनेमाई पृष्ठभूमि उपलब्ध कराती हैं। यही विविधता राजस्थान को ऐतिहासिक फिल्मों के साथ रोमांस, एक्शन, सामाजिक कथानक और अंतरराष्ट्रीय फिल्मों के लिए भी आकर्षक बनाती है।

फिल्म पर्यटन नीति से शूटिंग को मिलेगा बढ़ावा

पर्यटन आयुक्त रुक्मणी रियाड़ ने कहा कि राज्य सरकार ने फिल्म निर्माण की संभावनाओं को पर्यटन से जोड़ते हुए फिल्म पर्यटन प्रोत्साहन नीति-2025 लागू की है। इसका उद्देश्य राजस्थान को फिल्म निर्माताओं के लिए अनुकूल शूटिंग डेस्टिनेशन बनाना और फिल्मों के माध्यम से प्रदेश के पर्यटन स्थलों की पहुंच देश-विदेश तक बढ़ाना है।

उन्होंने बताया कि शूटिंग से जुड़ी विभिन्न अनुमतियों को सरल बनाने के लिए सिंगल-विंडो व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है। सरकार का प्रयास है कि फिल्मकारों को शूटिंग के लिए बेहतर सुविधाएं मिलें और राजस्थान की विरासत, संस्कृति व प्राकृतिक सौंदर्य को फिल्मों के माध्यम से वैश्विक दर्शकों तक पहुंचाया जा सके।

फिल्म रिलीज के बाद पर्यटन को मिलेगा फायदा

रियाड़ के अनुसार राजस्थान का लक्ष्य अब केवल फिल्मों के लिए लोकेशन उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि फिल्म निर्माण और पर्यटन को एक-दूसरे की ताकत बनाना है। कोशिश है कि यहां शूटिंग करने वाला फिल्मकार राजस्थान की विरासत और संस्कृति को अपनी कहानी में शामिल करे और फिल्म रिलीज होने के बाद वही दृश्य देश-विदेश के पर्यटकों को राजस्थान आने के लिए प्रेरित करें।

राजस्थान पहले भी बना सिनेमा की पसंद

राजस्थान में ‘जोधा अकबर’, ‘उमराव जान’, ‘दिल्ली-6’, ‘बजरंगी भाईजान’, ‘ये जवानी है दीवानी’, ‘रंग दे बसंती’, ‘बाजीराव मस्तानी’, ‘वीर’, ‘गुलाल’ और ‘नन्हे जैसलमेर’ जैसी फिल्मों की शूटिंग हुई है। इन फिल्मों ने प्रदेश के किलों, महलों, शहरों और ग्रामीण परिवेश को बड़े पर्दे पर पहचान दिलाई।

हॉलीवुड से अंतरराष्ट्रीय सिनेमा तक पहुंच

राजस्थान की लोकेशन्स अंतरराष्ट्रीय फिल्मकारों की भी पसंद रही हैं। ‘ऑक्टोपसी’, ‘द बेस्ट एग्जॉटिक मैरिगोल्ड होटल’, ‘द सेकंड बेस्ट एग्जॉटिक मैरिगोल्ड होटल’, ‘द दार्जिलिंग लिमिटेड’, ‘द फॉल’, ‘होली स्मोक!’, ‘द डार्क नाइट राइजेज’, ‘वायसरॉयज हाउस’, ‘मैरिगोल्ड’ और ‘वन नाइट विद द किंग’ जैसी प्रस्तुतियों में राजस्थान की झलक देखने को मिली। जयपुर, उदयपुर, जोधपुर और जैसलमेर के जरिए प्रदेश की दृश्यात्मक पहचान अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंची।

#NewsExpressRajasthan #RajasthanTourism #FilmTourism #ArjunNaga #Bollywood #IncredibleIndia

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!