होमस्टे योजना-2026 लागू, अब 8 कमरों तक मिलेगा पंजीकरण, केयरटेकर भी चला सकेंगे होमस्टे; 7 दिन में होगा अस्थायी पंजीकरण
जयपुर। राजस्थान सरकार ने पर्यटन क्षेत्र में डिजिटल गवर्नेंस और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देते हुए होमस्टे (पेइंग गेस्ट हाउस) पंजीकरण एवं नवीनीकरण प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है। अब राज्यभर के इच्छुक गृहस्वामी राजस्थान सिंगल साइन-ऑन (SSO) पोर्टल के माध्यम से घर बैठे आवेदन कर सकेंगे। नई व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है, जिससे विभागीय कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं रहेगी।
पर्यटन आयुक्त रुक्मणी रियाड़ ने बताया कि राजस्थान होमस्टे (पेइंग गेस्ट हाउस) योजना-2026 के तहत अब निजी आवासों में अधिकतम आठ कमरों तक होमस्टे का पंजीकरण कराया जा सकेगा। पहले यह सीमा पांच कमरों तक थी। योजना में एक और बड़ा बदलाव करते हुए मकान मालिक के निवास की अनिवार्यता भी समाप्त कर दी गई है। अब केयरटेकर के माध्यम से भी होमस्टे का संचालन किया जा सकेगा।
उन्होंने बताया कि सभी आवश्यक दस्तावेज पूरे होने पर सात दिनों के भीतर अस्थायी पंजीकरण जारी कर दिया जाएगा। ऑनलाइन प्रणाली लागू होने से आवेदन प्रक्रिया अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनेगी तथा पंजीकरण और नवीनीकरण में तेजी आएगी।
रियाड़ ने कहा कि योजना का उद्देश्य स्थानीय लोगों के लिए स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराना और पर्यटकों को राजस्थान की संस्कृति, परंपराओं तथा स्थानीय जीवनशैली का वास्तविक अनुभव प्रदान करना है। इससे राज्य में किफायती और गुणवत्तापूर्ण आवास सुविधाओं का विस्तार होगा, जिससे पर्यटन उद्योग को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
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