सवाई माधोपुर। दक्षिण अफ्रीका सरकार के वानिकी, मत्स्य पालन एवं पर्यावरण विभाग (DFFE) के उप मंत्री नरेन्द सिंह ने मंगलवार को रणथम्भौर टाइगर रिजर्व का भ्रमण कर यहां चल रहे वन्यजीव संरक्षण और बाघ प्रबंधन कार्यों का अवलोकन किया। इस दौरान राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) के निरीक्षक जनरल संजयन कुमार तथा रणथम्भौर टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर शारदा प्रताप सिंह भी उनके साथ मौजूद रहे।
भ्रमण के दौरान उप मंत्री ने रणथम्भौर की समृद्ध जैव विविधता, बाघ संरक्षण प्रबंधन, वन्यजीव निगरानी प्रणाली, समुदाय सहभागिता और आवास संरक्षण संबंधी विभिन्न गतिविधियों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने संरक्षण कार्यों में अपनाई जा रही आधुनिक तकनीकों और मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व को बढ़ावा देने के प्रयासों में विशेष रुचि दिखाई।

सफारी के दौरान प्रतिनिधिमंडल को खेमचा कुंड क्षेत्र में बाघ टी-101 तथा मलिक एनिकट क्षेत्र में बाघिन टी-124 के आकर्षक दीदार हुए। प्राकृतिक आवास में बाघों की सक्रिय मौजूदगी और सहज व्यवहार ने अतिथियों को बेहद प्रभावित किया। उप मंत्री नरेन्द सिंह ने रणथम्भौर में बाघ संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए इसे वैश्विक स्तर पर वन्यजीव संरक्षण का एक उत्कृष्ट मॉडल बताया। अधिकारियों ने उन्हें बाघों की बढ़ती संख्या, आवास संरक्षण, आधुनिक मॉनिटरिंग तकनीकों और संरक्षण रणनीतियों की भी जानकारी दी।
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