सवाई माधोपुर। रणथम्भौर टाइगर रिजर्व के राष्ट्रीय चम्बल अभयारण्य रेंज पालीघाट में जुलाई 2025 में स्थापित रेयरिंग सेंटर में पाले गए 30 घड़ियालों को अब उनके प्राकृतिक आवास में वापस छोड़ा जाएगा। ये घड़ियाल पाँच माह की देखभाल के बाद 13 नवम्बर 2025 को ‘घड़ियाल रेयरिंग–फास्ट ट्रैक–हेड स्टार्टिंग कार्यक्रम’ के तहत छोड़े जाएंगे।
कार्यक्रम में राजस्थान के वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री संजय शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में घड़ियालों को नेस्टिंग साइट पर रिलीज करेंगे। इस अवसर पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक सुश्री शिखा मेहरा, अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री राजेश गुप्ता और जिला कलक्टर श्री कानाराम भी उपस्थित रहेंगे।
उप वन संरक्षक एवं उप क्षेत्र निदेशक (प्रथम), रणथम्भौर बाघ परियोजना डॉ. रामानंद भाकर ने बताया कि यह पहल न केवल घड़ियाल संरक्षण और पुनर्वास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह कार्यक्रम राजस्थान के वन विभाग के सतत प्रयासों और पर्यावरणीय संतुलन के प्रति प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।
इस पहल से चम्बल नदी तंत्र में घड़ियाल प्रजाति की स्थिरता और वृद्धि को नया बल मिलेगा, जिससे जैव विविधता संरक्षण को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
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