भारत से रूस तक बुद्ध की पवित्र आस्था का सेतु

कलमीकिया गणराज्य में पहली बार प्रदर्शित होंगे बुद्ध के पवित्र अवशेष, भारत-रूस सांस्कृतिक संबंधों का बनेगा नया अध्याय

नई दिल्ली। भारत की धरती से निकले करुणा और शांति के प्रतीक गौतम बुद्ध के पवित्र अवशेष अब रूस की भूमि पर श्रद्धा और भक्ति का संदेश फैलाने जा रहे हैं। बुद्ध के ये पवित्र अवशेष रूस के कलमीकिया गणराज्य की राजधानी एलिस्टा में आयोजित होने वाली प्रदर्शनी में 11 से 18 अक्टूबर तक प्रदर्शित किए जाएंगे।

राष्ट्रीय संग्रहालय, नई दिल्ली में संरक्षित इन अवशेषों के साथ 11 वरिष्ठ भारतीय भिक्षुओं का उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल जाएगा, जो धार्मिक अनुष्ठान एवं प्रवचन करेंगे। यह आयोजन भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय, अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ #IBC, राष्ट्रीय संग्रहालय और #IGNCA के सहयोग से किया जा रहा है।

प्रदर्शनी एलिस्टा के प्रसिद्ध गेडेन शेडुप चोइकोरलिंग मठ (शाक्यमुनि बुद्ध का स्वर्णिम निवास) में आयोजित होगी। यह क्षेत्र यूरोप का एकमात्र महायान बौद्ध बहुल क्षेत्र है, जहां बौद्ध धर्म की गहरी जड़ें हैं।

प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य करेंगे। इस दौरान ‘कंजूर’ नामक मंगोलियाई धार्मिक ग्रंथ का वितरण, बौद्ध डाक टिकटों की प्रदर्शनी, और ‘शाक्यों की पवित्र विरासत’ शीर्षक से पैनल प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी।

यह आयोजन न केवल भारत-रूस की सांस्कृतिक एकता को मजबूत करेगा, बल्कि विश्व को भारत की दो सहस्राब्दियों पुरानी बौद्ध धरोहर से जोड़ने का अवसर भी प्रदान करेगा।

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