टूरिज्म एक्सपो जापान-2026 में जयपुर से आगे राज्य के नए पर्यटन अनुभवों की ब्रांडिंग, जापानी पर्यटकों को उदयपुर, जोधपुर, जैसलमेर से रणथंभौर और शेखावाटी तक जोड़ने की तैयारी
जयपुर। राजस्थान अब जापान के पर्यटन बाजार में केवल जयपुर के किले-महलों तक सीमित पहचान के बजाय पूरे राज्य की विविध पर्यटन तस्वीर पेश करेगा। टोक्यो में गुरुवार से शुरू हो रहे टूरिज्म एक्सपो जापान-2026 में राजस्थान की ओर से पर्यटन सचिव शुचि त्यागी और पर्यटन विभाग के संयुक्त निदेशक (मार्केटिंग) अजय कुमार शर्मा भाग ले रहे हैं। एक्सपो में किले-महलों, रेगिस्तान और लोक संस्कृति के साथ वन्यजीव, ग्रामीण पर्यटन, हस्तशिल्प, खान-पान, वेलनेस, डेस्टिनेशन वेडिंग और एमआईसीई पर्यटन को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा।
25 हजार से अधिक जापानी पर्यटक पहुंचे राजस्थान
पर्यटन आयुक्त रुक्मणी रियाड़ के अनुसार वर्ष 2025 में करीब 25,250 जापानी पर्यटक राजस्थान पहुंचे। जयपुर जापानी यात्रियों का प्रमुख पर्यटन केंद्र रहा है। अब विभाग इस बाजार को उदयपुर, जोधपुर, जैसलमेर, बीकानेर, रणथंभौर, भरतपुर और शेखावाटी तक विस्तार देने की तैयारी में है। हवेलियां, किले, बावड़ियां, पारंपरिक वस्त्र, हस्तशिल्प और लोक कलाओं के साथ स्थानीय भोजन व ग्रामीण जीवन के अनुभव भी जापानी पर्यटकों के सामने रखे जाएंगे।
विरासत और शिल्प के जरिए बढ़ेगा सांस्कृतिक जुड़ाव
भारत और जापान के बीच लंबे समय से सांस्कृतिक संबंध रहे हैं। राजस्थान पर्यटन इसी जुड़ाव को पर्यटन के माध्यम से मजबूत करने पर जोर दे रहा है। उद्देश्य पर्यटकों को केवल स्मारकों तक सीमित रखने के बजाय कारीगरों, स्थानीय समुदायों, पारंपरिक खान-पान और जीवंत लोक परंपराओं से जोड़ना है।
प्रचार के साथ कारोबार पर भी नजर
एक्सपो में जापानी टूर ऑपरेटरों, ट्रैवल कंपनियों, मीडिया और पर्यटन कारोबार से जुड़े प्रतिनिधियों के साथ बी2बी संवाद भी होगा। नए पर्यटन उत्पादों और यात्रा मार्गों के साथ कारोबारी साझेदारी की संभावनाओं पर चर्चा होगी। राज्य सरकार की कोशिश अंतरराष्ट्रीय बाजार में राजस्थान की ब्रांडिंग मजबूत करने के साथ नए गंतव्यों और अनुभव आधारित पर्यटन को विदेशी यात्रियों तक पहुंचाने की है।
