ना कैमरा ट्रैप में तस्वीर, न सैलानियों को साइटिंग; 48 कैमरों और चार टीमों के बावजूद नहीं मिला सुराग
जयपुर। झालाना लेपर्ड सफारी की शान और जयपुर के जंगल का राजा कहा जाने वाला तेंदुआ राणा पिछले 15 दिन से लापता है। कभी पर्यटकों को आसानी से नजर आने वाला राणा अब वन विभाग के लिए रहस्य बन गया है। हैरानी यह है कि न वह कैमरा ट्रैप में कैद हुआ और न ही उसकी कोई साइटिंग हुई। कई दिनों से सुबह से रात तक तलाश के बावजूद उसका सुराग नहीं मिला है।
48 कैमरों से निगरानी, चार टीमें जुटीं
राणा की तलाश के लिए जंगल में 48 कैमरों से निगरानी की जा रही है। पहले के मुकाबले 12 कैमरे बढ़ाए गए हैं। चार टीमें लगातार ट्रैक पर उसकी मौजूदगी तलाश रही हैं। एसीएफ जितेंद्र सिंह शेखावत के अनुसार, राणा की तलाश जारी है, लेकिन अभी तक कोई ठोस सुराग नहीं मिला। कुछ दिन पहले उसके पैर में कांच के टुकड़े से चोट भी लगी थी। ऐसे में उसकी सलामती को लेकर चिंता बढ़ गई है।
रेम्बो और कजोड़ का भी नहीं लगा सुराग
झालाना में तेंदुओं के लापता होने का यह पहला मामला नहीं है। करीब तीन साल पहले कजोड़ और डेढ़ साल पहले रेम्बो के गायब होने की खबर सामने आई थी। दोनों का आज तक पता नहीं चल पाया। वन विभाग के मुताबिक, पगमार्क से तेंदुए की पहचान करना मुश्किल है। इसलिए टीमें जंगल के ट्रैक पर लगातार तलाश कर रही हैं।

शावक से बना जंगल का राजा
राणा, मिसेज खान उर्फ खानवाली का बेटा है। करीब 7-8 साल पहले माइंस क्षेत्र में जन्मा राणा अपनी बेखौफ अदाओं और शानदार साइटिंग के कारण लोकप्रिय हुआ। झालाना आने वाले पर्यटकों को 70-80 प्रतिशत तक साइटिंग उसी की मिलती थी। सूर्यकुमार यादव, साइना नेहवाल और रवीना टंडन जैसी हस्तियां भी उसे निहार चुकी हैं। उस पर ‘राइज ऑफ राणा’ फिल्म भी बन चुकी है। राणा की गुमशुदगी से वन्यजीव प्रेमियों और फोटोग्राफर्स में चिंता है। सवाल यही है—आखिर जंगल का राजा राणा गया कहां?
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