बूंदी में आयोजित कार्यशाला में अधिकारियों और वनकर्मियों को सिखाए गए सुरक्षित बचाव एवं मानव-वन्यजीव संघर्ष प्रबंधन के गुर
बूंदी। रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व से सटे बफर जोन क्षेत्र में वन्यजीवों के आबादी क्षेत्रों में प्रवेश की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए बूंदी वन मंडल द्वारा एक दिवसीय वन्यजीव रेस्क्यू कार्यशाला का आयोजन किया गया। गायत्री नगर नर्सरी, बूंदी में आयोजित इस कार्यशाला में अधिकारियों एवं वनकर्मियों को वन्यजीवों के सुरक्षित रेस्क्यू और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने का विशेष प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यशाला का आयोजन उप वन संरक्षक (डीएफओ) डॉ. आलोक नाथ गुप्ता के निर्देशन में किया गया। प्रशिक्षण के लिए नाहरगढ़ जैविक उद्यान के वन्यजीव रेस्क्यू विशेषज्ञ डॉ. अरविंद माथुर को आमंत्रित किया गया। डॉ. माथुर ने बूंदी वन मंडल की विभिन्न रेंजों से आए सहायक वन संरक्षक (ACF), रेंजर्स, वनपाल, सहायक वनपाल एवं वनरक्षकों को वन्यजीव रेस्क्यू की आधुनिक तकनीकों और आवश्यक सावधानियों से अवगत कराया। उन्होंने वन्यजीवों को सुरक्षित तरीके से पकड़ने, बचाव कार्य के दौरान अपनाई जाने वाली प्रक्रियाओं तथा मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं के प्रभावी प्रबंधन के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
कार्यशाला का उद्देश्य वन विभाग के फील्ड स्टाफ की क्षमता को मजबूत करना और वन्यजीवों व आमजन दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था। अधिकारियों ने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम भविष्य में वन्यजीव संरक्षण और रेस्क्यू कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
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