खतरनाक झरनों एवं चट्टानी क्षेत्रों में नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध वन विभाग की कार्रवाई

सवाई माधोपुर। मानसून के दौरान रणथम्भौर एवं आसपास के वन क्षेत्रों में विभिन्न झरनों, जलप्रपातों एवं दुर्गम/खतरनाक चट्टानी क्षेत्रों में लोगों द्वारा पहुंचकर सोशल मीडिया पर वीडियो एवं पोस्ट किए जाने के कुछ मामले सामने आए हैं। ऐसे स्थानों पर जाना स्वयं व्यक्ति की सुरक्षा के लिए गंभीर जोखिम उत्पन्न कर सकता है तथा वन्यजीवों की सुरक्षा एवं वन क्षेत्र की शांति भी प्रभावित हो सकती है।

वन विभाग द्वारा पूर्व में भी ऐसे लोगों को समझाइश एवं जागरूकता के माध्यम से निर्धारित नियमों का पालन करने के लिए कहा गया था। इसके बावजूद नियमों का उल्लंघन किए जाने के मामलों को देखते हुए विभाग द्वारा खण्डार एवं फलौदी रेंज में कल वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई।

वन विभाग स्पष्ट करना चाहता है कि मानसून के दौरान वन क्षेत्रों में तेज जल प्रवाह, अचानक बढ़ता पानी, फिसलन, गहरी खाइयों एवं अस्थिर चट्टानों के कारण दुर्घटना की गंभीर संभावना रहती है। केवल सोशल मीडिया के लिए वीडियो अथवा फोटो बनाने के उद्देश्य से ऐसे जोखिमपूर्ण स्थानों पर जाना अत्यंत खतरनाक हो सकता है।

वन विभाग द्वारा लोगों से अपील की गई है कि प्रतिबंधित अथवा संवेदनशील वन क्षेत्रों में प्रवेश न करें तथा जारी दिशा-निर्देशों एवं प्रतिबंधों का पूर्णतः पालन करें। नियमों का उल्लंघन कर ऐसी गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध आगे भी वन्यजीव संरक्षण अधिनियम एवं अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि आमजन की सुरक्षा एवं वन्यजीवों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। विभाग द्वारा लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा वन क्षेत्र एवं वन्यजीवों को किसी भी प्रकार के खतरे से बचाने के लिए आवश्यक कदम लगातार उठाए जा रहे हैं।

आमजन से अपील है कि सोशल मीडिया पर लोकप्रियता अथवा रोमांच के लिए अपनी एवं दूसरों की जान जोखिम में न डालें और वन विभाग के निर्देशों का पालन कर सहयोग प्रदान करें।

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