दिल्ली। राष्ट्रीय पाण्डुलिपि मिशन (एनएमएम) ने अब तक विभिन्न संग्रहों में तीन लाख पचास हजार पाण्डुलिपियों का डिजिटलीकरण किया है। मिशन अपने पांडुलिपि संरक्षण केंद्रों की सहायता से देशभर में विभिन्न सामग्रियों पर लिखी सभी प्रकार की पांडुलिपियों को संरक्षित कर रहा है।
उल्लेखनीय है कि मिशन ने 1,36,490 पांडुलिपियां अपलोड की हैं, जिनमें से 77,152 पांडुलिपियां सार्वजनिक उपयोग के लिए उपलब्ध हैं। इन पांडुलिपियों को वेबसाइट https://www.namami.gov.in/ पर देखा जा सकता है।
संस्कृति मंत्रालय ‘ज्ञान भारतम् मिशन’ के तत्वावधान में सार्वजनिक प्रदर्शनियों या डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से एनएमएम की पहुंच का व्यापक रूप से विस्तार करने के लिए प्रतिबद्ध है। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने गुरुवार को राज्य सभा में यह जानकारी दी।