जयपुर। जन्म के बाद मां का साथ छूट गया, जिंदगी बचना भी मुश्किल था, लेकिन हौसलों ने हार नहीं मानी। नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क के सफेद बाघ भीम और गोल्डन बाघिन स्कंधी अब नाहरगढ टाइगर सफारी में खुले जंगल में दिखाई दे रहे हैं। इन्हें रविवार को दो साल पहले जन्मे इन शावकों को मां ने छोड़ दिया था, जिसके बाद करीब पांच महीने तक उन्होंने जिंदगी की जंग लड़ी।
नाहरगढ बायोलॉजिकल पार्क के डॉ. अरविंद माथुर ने डमी टाइग्रेस के जरिए मां का अहसास कराया और विदेशी विशेष दूध से उनका पालन-पोषण किया। लगातार देखभाल के बाद दोनों स्वस्थ हुए और अब खुले जंगल में छोड़ दिए गए हैं।
