एमपी से दूसरी बाघिन का मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व, कोटा में सफल स्थानांतरण

अंतरराज्यीय बाघ स्थानांतरण कार्यक्रम के अंतर्गत ऐतिहासिक उपलब्धि

जयपुर। राजस्थान में बाघ संरक्षण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में मध्यप्रदेश के #Bandhavgarh Tiger Reserve से साढ़े तीन वर्ष आयु की एक बाघिन का सफलतापूर्वक स्थानांतरण कर #Mukundra Hills Tiger Reserve (एमएचटीआर), कोटा में सॉफ्ट रिलीज किया गया है।

यह मध्यप्रदेश से राजस्थान के लिए दूसरी अंतरराज्यीय बाघ स्थानांतरण की सफलता है। इससे पूर्व Pench Tiger Reserve से एक बाघिन का सफलतापूर्वक स्थानांतरण कर Ramgarh Vishdhari Tiger Reserve में स्थापित किया गया था।

इस बाघिन को 27 फरवरी को दोपहर 12.45 बजे बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पनपथा बफर परिक्षेत्र की जगुआ बीट में सुरक्षित रूप से बेहोश (ट्रैंक्विलाइज़) किया गया। अंतरराज्यीय स्थानांतरण लिए एनटीसीए दिशानिर्देशों के अनुरूप एक उपयुक्त बाघिन की तलाश एवं सतत निगरानी के लिए अनुभवी फील्ड ट्रैकर्स, हाथी दस्ता, वन्यजीव चिकित्सकों एवं फील्ड जीवविज्ञानियों की टीम कार्यरत थी।

लगातार और सूक्ष्म प्रयासों के उपरांत चिन्हित बाघिन को सफलतापूर्वक ढूंढकर सुरक्षित रूप से बेहोश किया गया। बेहोशी के पश्चात विस्तृत स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। जैविक नमूने एकत्रित किए गए। सभी शारीरिक एवं जीवन संबंधी मानकों का रिकॉर्ड संधारित किया गया। साथ ही पोस्ट-रिलीज मॉनिटरिंग के लिए रेडियो कॉलर लगाया गया।

सफलतापूर्वक होश में आने के बाद बाघिन को सावधानीपूर्वक ट्रांसपोर्ट क्रेट में स्थानांतरित किया गया तथा विशेषज्ञों की निगरानी में काफिला राजस्थान के लिए रवाना हुआ।

आज प्रातः काफिला मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व पहुंचा। जहां बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व एवं मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के वरिष्ठ वन अधिकारियों, वन्यजीव चिकित्सकों एवं जीवविज्ञानियों की संयुक्त टीम उपस्थित रही।

बाघिन को एमएचटीआर की झामरा घाटी स्थित एक हेक्टेयर क्षेत्रफल के सॉफ्ट रिलीज एनक्लोजर में आज सुबह 8.30 बजे छोड़ा गया। एक समर्पित विशेषज्ञ टीम द्वारा 24×7 निगरानी की जाएगी, जिसमें व्यवहार, स्वास्थ्य एवं अनुकूलन से संबंधित सभी मानकों का अवलोकन एनटीसीए के मानक संचालन प्रक्रिया (SoP) के अनुसार किया जाएगा।

सफल अनुकूलन एवं सभी मानकों के संतोषजनक मूल्यांकन के पश्चात बाघिन को मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के प्राकृतिक आवास में मुक्त किया जाएगा। यह स्थानांतरण व्यापक अंतरराज्यीय बाघ स्थानांतरण परियोजना का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य बाघ आबादी में हेटेरोजाइगोसिटी में वृद्धि करना, आनुवंशिक आधार को सुदृढ़ करना, जेनेटिक बॉटलनेक की समस्या का समाधान करना तथा राजस्थान के टाइगर रिजर्वों में दीर्घकालिक रूप से सक्षम बाघ आबादी सुनिश्चित करना है।

इनका कहना…
इस बाघिन का सफल आगमन राज्य के लिए एक ऐतिहासिक संरक्षण उपलब्धि है तथा यह वैज्ञानिक एवं लैंडस्केप-आधारित बाघ प्रबंधन के प्रति राजस्थान की प्रतिबद्धता को पुनः स्थापित करता है।

सुगना राम जाट, क्षेत्र निदेशक, मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व, कोटा

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