विकास कार्यों को सर्वोच्च वरीयता देते हुए समय से करें पूरा, आधारभूत ढांचे से संबंधित प्रोजेक्ट्स में लाएं तेजी : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार आमजन के समग्र कल्याण के लिए प्राथमिकता से कार्य कर रही है। प्रदेश के सभी 200 विधानसभा क्षेत्रों में सड़क, पानी, बिजली, स्वास्थ्य और आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराते हुए हम समृद्ध और उत्कृष्ट राजस्थान की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं।
शर्मा बुधवार को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित सांगानेर विधानसभा क्षेत्र के विकास कार्यों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। समीक्षा बैठक के दौरान ऊर्जा विभाग, पीडब्ल्यूडी, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, राजस्व, पीएचईडी, स्वायत्त शासन, जल संसाधन एवं नगरीय विकास विभाग से संबंधित विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि संबंधित विभाग प्रत्येक विकास कार्य के लिए समय सीमा निर्धारित करें।
आरयूएचएस में विकसित होंगी अत्याधुनिक चिकित्सकीय सुविधाएं
शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश में सुदृढ़ चिकित्सकीय तंत्र को विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी कड़ी में सुपर स्पेशयलिटी चिकित्सा को नए आयाम देने के लिए आरयूएचएस का उन्नयन कर एम्स दिल्ली की तर्ज पर राजस्थान इन्स्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (रिम्स) की स्थापना की जाएगी। इस केन्द्र पर आयुष विंग, वरिष्ठ नागरिकों को बेहतर चिकित्सकीय सुविधाएं देने के लिए एकीकृत केन्द्र, थैलीसीमिया से पीड़ित बच्चों के उपचार के लिए अत्याधुनिक चिकित्सकीय सुविधाएं विकसित होंगी। उन्होंने कहा कि जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए आरयूएचएस संस्थान एक बेहतर विकल्प है। ऐसे में वहां अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं विकसित की जाएं।
जलभराव की समस्या के समाधान के लिए पक्के नालों का हो निर्माण
मुख्यमंत्री ने कहा कि कमला नेहरू नगर से भांकरोटा पुलिया तक बरसाती पानी भराव की समस्या को दूर करने के लिए पक्के नालों का निर्माण करवाया जाए। साथ ही, मालपुरा गेट पर वर्षा जल निकासी के लिए आवश्यकतानुसार नालों के मरम्मत कार्य करवाए जाएं। उन्होंने कहा कि महारानी फार्म को अग्रवाल फार्म से जोडने वाली पुलिया का काम शीघ्र पूर्ण किया जाए, जिससे आमजन का सुगम आवागमन हो सके। मुख्यमंत्री ने विभिन्न 132 केवी तथा 33 केवी जीएसएस निर्माण कार्याें की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ट्रांसफार्मर के आस-पास के क्षेत्र में चेतावनी बोर्ड लगाने के साथ-साथ तारबंदी की जाए एवं इसकी ऊंचाई बढ़ाई जाए।
