वन राज्यमंत्री संजय शर्मा ने 10 घड़ियाल बच्चों को छोड़ा प्राकृतिक आवास में
जयपुर। देश में पहली बार घड़ियाल संरक्षण के क्षेत्र में अनूठी पहल की गई है। वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री संजय शर्मा ने सवाई माधोपुर जिले के राष्ट्रीय चम्बल घड़ियाल अभयारण्य, पालीघाट में घड़ियालों के संरक्षण और सुरक्षा के लिए नई शुरुआत करते हुए 10 घड़ियाल हैचलिंग्स को चम्बल नदी में उनके प्राकृतिक आवास में छोड़ा।
वन विभाग के रियरिंग फास्ट ट्रैक–हेड स्टार्टिंग कार्यक्रम के तहत कुल 30 नवजात घड़ियालों में से शेष 20 को आगामी दिनों में नदी में छोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार इस पहल का उद्देश्य घड़ियालों की प्रजाति को सुरक्षित कर उन्हें प्राकृतिक वातावरण में पुनर्स्थापित करना है।
इन घड़ियालों को अंडों से बाहर निकलने के बाद करीब पांच माह तक विभाग की निगरानी में पाला गया। इस दौरान उन्हें जीवित मछलियां खिलाई गईं ताकि वे शिकार की प्राकृतिक प्रवृत्ति न खोएं। अब जब इनकी लंबाई लगभग 75 सेंटीमीटर हो चुकी है, तब उन्हें सुरक्षित रूप से नदी में छोड़ा गया।
वन राज्यमंत्री शर्मा ने कहा कि चम्बल नदी क्षेत्र का पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखने में घड़ियालों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने यह भी बताया कि पालीघाट और चम्बल तट को ‘इको-टूरिज्म जोन’ के रूप में विकसित करने के प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे यह क्षेत्र ‘घड़ियालों की धरती’ के रूप में देशभर में पहचान बनाएगा।
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