भोपाल। मध्यप्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान से वन्यजीव संरक्षण को लेकर एक बेहद उत्साहजनक खबर सामने आई है। यहां जन्मी 33 माह की मादा चीता मुखी ने पांच स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है। इसके साथ ही देश में चीतों की कुल संख्या बढ़कर 32 हो गई है। प्रोजेक्ट चीता के लिए यह सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है, जिसने भारत में विलुप्त हो चुके चीतों की वापसी के सपने को वास्तविक रूप दिया है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विशेष पहल पर वर्ष 2022 में शुरू हुए इस प्रोजेक्ट ने अब वह मुकाम हासिल किया है, जिसकी कल्पना वर्षों पहले की गई थी। हाल ही में गांधी सागर सेंचुरी में दो नर चीतों का सफल पुनर्वास इस परियोजना की मजबूती और वैज्ञानिक प्रबंधन का प्रमाण है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस उपलब्धि को वैश्विक प्रकृति संरक्षण के क्षेत्र में मध्यप्रदेश की ऐतिहासिक भूमिका बताया। उन्होंने कहा कि कूनो राष्ट्रीय उद्यान के अधिकारी एवं कर्मचारियों की मेहनत और समर्पण ने इस परियोजना को नई ऊंचाईयों पर पहुंचाया है।
गौरतलब है कि 17 सितंबर 2022 को प्रधानमंत्री मोदी ने अपने जन्म दिवस पर कूनो में पहले चीते छोड़कर इस परियोजना का शुभारंभ किया था। आज यही परियोजना न सिर्फ सफल हो रही है बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना रही है। ‘प्रोजेक्ट चीता’ को इनोवेटिव इनिशिएटिव्स अवॉर्ड से सम्मानित किया जाना इसकी सफलता की पुष्टि करता है।
कूनो में बढ़ता चीता परिवार बताता है कि दूरदृष्टि, संकल्प और बेहतर वन्यजीव प्रबंधन से खोई विरासत को वापस लाया जा सकता है। मध्यप्रदेश अब एशिया के वन्यजीव संरक्षण के मानचित्र पर एक चमकते सितारे की तरह उभर रहा है।
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