जयपुर। वन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संजय शर्मा ने गुरुवार को विधानसभा में कहा कि प्रदेश में पौधारोपण के सटीक आंकडों के लिए तीन एजेंसियों से जांच करवाई जाएगी। जिसमें से एक थर्ड पार्टी एजेंसी है। उन्होंने आश्वस्त किया कि भविष्य में पौधारोपण के तहत लगाए गए पौधों की प्रभावी देखरेख सुनिश्चित की जाएगी, ताकि उनमें 85 से 90 प्रतिशत पौधे जीवित रहें।
वन राज्य मंत्री प्रश्नकाल के दौरान सदस्य द्वारा इस सम्बन्ध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि वन विभाग के अधिकारियों एवं थर्ड पार्टी जांच के द्वारा पौधारोपण की समय-समय पर जांच की जाती है। अब तीन एजेंसियों, सेंटर फॉर डेवलपमेंट कम्युनिकेशन एंड स्टडीज, इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ फॉरेस्ट मैनेजमेंट एवं एरिड फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टिट्यूट (ए.एफ.आर.आई) जोधपुर द्वारा प्रदेश में हो रहे पौधारोपण की संभागवार जांच की जाएगी। इसके अतिरिक्त ड्रोन के माध्यम से भी पौधों की सुरक्षा एवं जीवंतता को सुनिश्चित किया जाएगा।
इससे पहले विधायक सुरेश गुर्जर के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में वन राज्य मंत्री ने झालावाड़ जिले में विगत पांच वर्षों में विभाग द्वारा लगाए गए पौधे एवं उनके भुगतान का विवरण सदन के पटल पर रखा। उन्होंने बताया कि इस कालावधि में किए गए पौधारोपण की निविदा जारी नहीं की गई है। स्थानीय ग्राम वन सुरक्षा एवं प्रबंध समिति के माध्यम से पौधारोपण का कार्य सम्पादित किया गया है। इस पौधारोपण में जीवित पौधे एवं खराब पौधों का विवरण उन्होंने सदन के पटल पर रखा।
