जयपुर। जवाहर कला केंद्र में चल रहे 28वें लोकरंग महोत्सव के तीसरे दिन गुरुवार को देशभर की लोक परंपराओं और नृत्य शैलियों ने मंच पर जीवंत रंग बिखेरे। मध्यवर्ती मंच पर लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भारत की विविध सांस्कृतिक धारा से रूबरू कराया।
देश के सात राज्यों की 11 प्रस्तुतियों से सजा मंच
राजस्थान के ‘तेरह ताली’ नृत्य से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ, जिसकी भक्ति भाव से भरी प्रस्तुति ने वातावरण को आल्हादित कर दिया। इसके बाद असम का ‘हाजोंग’ नृत्य, मणिपुर का ‘ब्लाइंड कटिंग’ और ‘थांगटा’ नृत्य, तथा हिमाचल का ‘लम्बड़ा’ नृत्य दर्शकों के आकर्षण का केंद्र बने।
लोक परंपराओं का उत्सव और ऊर्जा
ओड़िशा का ‘संभलपुरी’, उत्तराखंड का ‘गंगाडू’, पंजाब का ‘झूमर’, और राजस्थान का ‘चंग’ व ‘भवाई’ नृत्य मंच पर ऊर्जा और उल्लास का संगम लेकर आए। नर्तकों की पारंपरिक वेशभूषा, ढोल की थाप और तालमेल ने लोक संस्कृति की जीवंतता को एक नई पहचान दी।
यह रंगारंग उत्सव 17 अक्टूबर तक जारी रहेगा, जिसमें देशभर के कलाकार अपनी परंपरागत नृत्य शैलियों से लोक संस्कृति की समृद्ध धारा को प्रवाहित करते रहेंगे।
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